बोधगया: द न्यूज़। पितृपक्ष के पावन अवसर पर देश भर से मोक्ष की भूमि गया जी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ने एक बड़ी और सराहनीय पहल की है। बोधगया स्थित जगन्नाथ मंदिर और न्यास पर्षद के संयुक्त तत्वावधान में पिंडदानियों के लिए 15 दिनों तक चलने वाले नि:शुल्क भोजनालय की शुरुआत की गई है। इस विशेष शिविर का भव्य उद्घाटन बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणबीर नंदन ने किया। श्रद्धालुओं की सेवा का यह प्रकल्प अमावस्या तक अनवरत चलता रहेगा।शिविर का उद्घाटन करते हुए प्रो. रणबीर नंदन ने अन्नदान के आध्यात्मिक महत्व पर गहराई से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मानव शरीर में पांच कोष अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय और आनंदमय होते हैं। हमारे ऋषि-मुनियों ने सबसे निचले लेकिन सबसे महत्वपूर्ण ‘अन्नमय कोष’ को प्राथमिकता दी है, क्योंकि ‘अन्न ही ब्रह्म है’।

प्रो. नंदन ने कहा कि यहां लाखों श्रद्धालु अपने पितरों को मोक्ष दिलाने आते हैं। जब तक हमारा अन्नमय कोष समृद्ध नहीं होगा, तब तक आनंदमय कोष की प्राप्ति नहीं हो सकती। अन्नमय से लेकर आनंदमय तक की यह यात्रा अन्न पर ही आधारित है। उन्होंने इस पुनीत कार्य की रूपरेखा तैयार करने के लिए पर्षद के सदस्य विवेकानंद गिरि और उनकी पूरी टीम को साधुवाद दिया।
अपने संबोधन में प्रो. नंदन ने पौराणिक कथाओं का भी जिक्र किया। भगवान विष्णु, ब्रह्मा और मधु-कैटभ दैत्यों का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि पितरों की देवी ‘स्वधा’ और देवताओं की देवी ‘स्वाहा’ की स्तुति से ही सृष्टि और ब्रह्मा जी की रक्षा हुई थी। उन्होंने कहा कि आज बोधगया और गया तीर्थ में जो लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं, वे पितरों की देवी स्वधा की प्रेरणा से ही अपने पूर्वजों को तृप्त करने पहुँच रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. रणबीर नंदन ने अन्नदान कार्यक्रम की सफलता की कामना करते हुए कहा कि मेरी यही प्रार्थना है कि गयाजी जिला बलशाली हो, हमारा बिहार राज्य बलशाली हो और भारत माता सशक्त हों। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जो एक सफल, उन्नत भारत और देश को ‘विश्व माता’ बनाने का सपना है, वह साकार हो। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बिहार-झारखंड प्रांत कार्यवाह मोहन सिंह, न्यास पर्षद के माननीय सदस्य विवेकानंद गिरि, विधायक उपेंद्र प्रसाद जी, अरुण सुमन, राहुल दत्ता, संजय सिंह, ललिता देवी, सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता, संतोष यादव और मन्जय सिंह सहित कई गणमान्य लोग और भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
बोधगया में धार्मिक न्यास पर्षद की बड़ी पहल: पितृपक्ष में पिंडदानियों के लिए शुरू हुआ 15 दिवसीय अन्नदान शिविर
बोधगया: पितृपक्ष के पावन अवसर पर देश भर से मोक्ष की भूमि गया जी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ने एक बड़ी और सराहनीय पहल की है। बोधगया स्थित जगन्नाथ मंदिर और न्यास पर्षद के संयुक्त तत्वावधान में पिंडदानियों के लिए 15 दिनों तक चलने वाले नि:शुल्क भोजनालय की शुरुआत की गई है। इस विशेष शिविर का भव्य उद्घाटन बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणबीर नंदन ने किया। श्रद्धालुओं की सेवा का यह प्रकल्प अमावस्या तक अनवरत चलता रहेगा।
शिविर का उद्घाटन करते हुए प्रो. रणबीर नंदन ने अन्नदान के आध्यात्मिक महत्व पर गहराई से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मानव शरीर में पांच कोष अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय और आनंदमय होते हैं। हमारे ऋषि-मुनियों ने सबसे निचले लेकिन सबसे महत्वपूर्ण ‘अन्नमय कोष’ को प्राथमिकता दी है, क्योंकि ‘अन्न ही ब्रह्म है’।
प्रो. नंदन ने कहा कि यहां लाखों श्रद्धालु अपने पितरों को मोक्ष दिलाने आते हैं। जब तक हमारा अन्नमय कोष समृद्ध नहीं होगा, तब तक आनंदमय कोष की प्राप्ति नहीं हो सकती। अन्नमय से लेकर आनंदमय तक की यह यात्रा अन्न पर ही आधारित है। उन्होंने इस पुनीत कार्य की रूपरेखा तैयार करने के लिए पर्षद के सदस्य विवेकानंद गिरि और उनकी पूरी टीम को साधुवाद दिया।
अपने संबोधन में प्रो. नंदन ने पौराणिक कथाओं का भी जिक्र किया। भगवान विष्णु, ब्रह्मा और मधु-कैटभ दैत्यों का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि पितरों की देवी ‘स्वधा’ और देवताओं की देवी ‘स्वाहा’ की स्तुति से ही सृष्टि और ब्रह्मा जी की रक्षा हुई थी। उन्होंने कहा कि आज बोधगया और गया तीर्थ में जो लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं, वे पितरों की देवी स्वधा की प्रेरणा से ही अपने पूर्वजों को तृप्त करने पहुँच रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. रणबीर नंदन ने अन्नदान कार्यक्रम की सफलता की कामना करते हुए कहा कि मेरी यही प्रार्थना है कि गयाजी जिला बलशाली हो, हमारा बिहार राज्य बलशाली हो और भारत माता सशक्त हों। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जो एक सफल, उन्नत भारत और देश को ‘विश्व माता’ बनाने का सपना है, वह साकार हो। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बिहार-झारखंड प्रांत कार्यवाह मोहन सिंह, न्यास पर्षद के माननीय सदस्य विवेकानंद गिरि, विधायक उपेंद्र प्रसाद जी, अरुण सुमन, राहुल दत्ता, संजय सिंह, ललिता देवी, सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता, संतोष यादव और मन्जय सिंह सहित कई गणमान्य लोग और भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।