पटना। द न्यूज़ ( संजय त्रिपाठी )।
बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद जनसुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर के हौसले कमजोर नहीं पड़े हैं। वे लगातार संगठन को मजबूत करने और बिहार को नई दिशा देने की कवायद में जुटे हुए हैं।
शेखपुरा स्थित जनसुराज कार्यालय का नज़ारा इस बात की गवाही देता है कि अभियान में ऊर्जा और सक्रियता बरकरार है। कार्यालय परिसर में गाड़ियों की लंबी कतार और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पहली नजर में माहौल किसी बड़े आयोजन जैसा लगा, लेकिन जानकारी लेने पर पता चला कि यह संगठन को नई धार देने की रणनीतिक बैठक है।
बैठक में शाहपुर, मगध और नालंदा जोन सहित विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ता शामिल हुए। खास बात यह रही कि प्रशांत किशोर खुद एक-एक कार्यकर्ता से रूबरू होकर उनकी राय और सुझाव ले रहे थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। एक बात स्पष्ट है पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष manoj भारती समेत शुरुआती जनसुराजियों का आज भी प्रशांत किशोर के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।
जनसुराज के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठन को तैयार करने और जमीनी स्तर पर मजबूती लाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

हार के बाद जहां कई राजनीतिक दलों में सुस्ती देखी जाती है, वहीं जनसुराज ने साफ संकेत दिया है कि वह आने वाले समय के लिए पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने की रणनीति पर काम कर रहा है।

