नई दिल्ली। द न्यूज़।आईडब्ल्यूपी अकादमी ने जनकपुरी स्थित हयात सेंट्रिक में ‘मेराकी 2026’ का आयोजन किया, जो कला, फैशन और रचनात्मकता का उत्सव था। शाम 5 बजे से शुरू हुए इस आयोजन में नृत्य, संगीत, नाटक और फैशन प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्राओं की प्रतिभा और आत्मविश्वास को मंच मिला। कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री एवं जनकपुरी के विधायक श्री आशिष सूद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अन्य प्रमुख अतिथियों में फैशन डिजाइनर सुश्री रीना ढाका, एचपी उत्तर भारत के वरिष्ठ निदेशक श्री शैलेश त्रिपाठी और सेलिब्रिटी कोरियोग्राफर श्री कपिल गौहरी शामिल हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री आशिष सूद, शिक्षा मंत्री, दिल्ली सरकार ने कहा कि इस तरह के मंच युवाओं को केवल प्रतिभा दिखाने का अवसर नहीं देते, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और नेतृत्व की दिशा भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें अपनी क्षमता पर विश्वास दिलाना है।
उन्होंने आगे कहा कि आईडब्ल्यूपी अकादमी जिस तरह छात्राओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण, रचनात्मक अभिव्यक्ति और पेशेवर अवसरों से जोड़ रही है, वह सराहनीय है। ‘मेराकी 2026’ इसी सोच का उदाहरण है, जहाँ हुनर, शिक्षा और आत्मविश्वास एक साथ दिखाई देते हैं।
श्री विशाल निझावन, चेयरमैन एवं डायरेक्टर, आईडब्ल्यूपी अकादमी ने कहा कि ‘मेराकी’ केवल एक वार्षिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की मेहनत, रचनात्मकता और सीखने की यात्रा का उत्सव है। यह मंच उन्हें अपने कौशल को वास्तविक दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर देता है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष की प्रस्तुतियों में छात्राओं ने जिस स्तर की कल्पनाशीलता और समर्पण दिखाया, वह संस्थान के प्रशिक्षण और उनके आत्मविश्वास दोनों को दर्शाता है। फैशन शो से लेकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक, हर हिस्से में उनकी व्यक्तिगत भागीदारी और मेहनत स्पष्ट दिखाई दी। आईडब्ल्यूपी अकादमी का उद्देश्य केवल तकनीकी शिक्षा देना नहीं, बल्कि ऐसे पेशेवर तैयार करना है जो अपने हुनर, व्यक्तित्व और दृष्टिकोण के दम पर उद्योग में अपनी अलग पहचान बना सकें।
कार्यक्रम की शुरुआत शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुतियों से हुई, जिसके बाद समकालीन फ्यूज़न डांस, नाट्य मंचन और संगीत प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बांधे रखा। पूरे आयोजन में छात्राओं की रचनात्मक सोच, तकनीकी कौशल और मंच प्रस्तुति का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। सजे हुए मंच, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और संगीत ने आयोजन को एक पेशेवर और भावनात्मक अनुभव में बदल दिया।
शाम का मुख्य आकर्षण फैशन शो रहा, जिसमें प्रस्तुत सभी परिधानों की संकल्पना, डिज़ाइनिंग, सिलाई और रैम्प प्रस्तुति स्वयं छात्राओं द्वारा तैयार की गई थी। यह प्रस्तुति केवल फैशन प्रदर्शन नहीं, बल्कि छात्राओं की व्यक्तिगत अभिव्यक्ति, मेहनत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक थी। हर परिधान में उनकी कल्पनाशीलता और हर प्रस्तुति में उनका आत्मविश्वास झलक रहा था।
‘मेराकी’ ग्रीक भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है, अपने काम में आत्मा, प्रेम और जुनून को समर्पित कर देना। इसी भावना को केंद्र में रखते हुए आयोजित यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण, रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता को समर्पित था। पिछले 26 वर्षों में आईडब्ल्यूपी अकादमी 21,000 से अधिक छात्राओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें अपने हुनर को पहचानने और पेशेवर रूप से आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर चुकी है। यह आयोजन आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और महिला सशक्तिकरण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया।आईडब्ल्यूपी अकादमी के बारे में
आईडब्ल्यूपी अकादमी वर्ष 1998 से फैशन, इंटीरियर डिज़ाइन, ब्यूटी, फाइन आर्ट्स और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दे रही है। केएलजीआर एजुकेशनल सोसाइटी के अंतर्गत संचालित यह संस्थान अब तक 21,000 से अधिक छात्रों को उनके हुनर को पहचानने और करियर बनाने में मदद कर चुका है। आईडब्ल्यूपी अकादमी का उद्देश्य युवाओं को रचनात्मक शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और आत्मविश्वास के साथ आत्मनिर्भर बनाना है।