Article by: Kaushal Singh, CEO- SAVE Housing Finance Limited
नयी दिल्ली / पटना। द न्यूज़। देश में पिछले कुछ समय से ब्याज दरों में नरमी देखने को मिल रही है, जिसका सीधा प्रभाव होम लोन बाजार पर पड़ा है। ऐसे समय में यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या अभी घर खरीदना सही समय है? रियल एस्टेट और हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर के मौजूदा हालात को देखें तो यह कहा जा सकता है कि कम ब्याज दरें घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आई हैं।
भारत में घर केवल एक संपत्ति नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और भावनात्मक स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। खासकर मध्यम, निम्न वर्ग और पहली बार घर खरीदने वाले परिवारों के लिए अपना घर जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है। लेकिन लंबे समय से बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों ने इस सपने को चुनौतीपूर्ण बना दिया था। अब जब ब्याज दरों में राहत देखने को मिल रही है, तो इससे घर खरीदने की क्षमता बेहतर हुई है।
कम ब्याज दरों का सबसे बड़ा लाभ यह है कि होम लोन की EMI अपेक्षाकृत कम हो जाती है। उदाहरण के तौर पर, ब्याज दर में केवल 1 प्रतिशत की कमी भी लंबे समय के होम लोन में लाखों रुपये की बचत करा सकती है। इससे ग्राहकों की भुगतान क्षमता मजबूत होती है और वे बेहतर लोकेशन या बड़े घर के विकल्प पर भी विचार कर सकते हैं।
वर्तमान समय में भारत का हाउसिंग सेक्टर कई सकारात्मक बदलावों से गुजर रहा है। सरकार की “Housing for All”, ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएस) जैसी पहलों, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, तेजी से बढ़ता शहरीकरण और किफायती आवास पर बढ़ता फोकस इस सेक्टर को नई गति दे रहे हैं। इसके साथ ही टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी घर खरीदने की मांग लगातार बढ़ रही है। लोग अब केवल निवेश के लिए नहीं, बल्कि बेहतर जीवनशैली और स्थिर भविष्य के लिए घर खरीदना चाहते हैं।
महामारी के बाद लोगों की सोच में भी बड़ा बदलाव आया है। अब घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि सुरक्षा, सुविधा और परिवार की जरूरतों का केंद्र बन गया है। Work-from-home और hybrid working culture ने लोगों को बड़े और बेहतर घरों की आवश्यकता का एहसास कराया है। यही वजह है कि हाउसिंग सेक्टर में मांग लगातार बनी हुई है।
हालांकि घर खरीदने का निर्णय केवल ब्याज दरों के आधार पर नहीं होना चाहिए। खरीदारों को अपनी आय, भविष्य की वित्तीय योजनाओं, नौकरी की स्थिरता और भुगतान क्षमता का भी गंभीरता से मूल्यांकन करना चाहिए। कम EMI आकर्षक जरूर लग सकती है, लेकिन जिम्मेदार वित्तीय योजना के बिना कोई भी लोन भविष्य में दबाव का कारण बन सकता है।
घर खरीदते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहले, केवल उतना ही लोन लें जिसकी EMI आपकी मासिक आय के संतुलन को प्रभावित न करे। दूसरा, प्रोजेक्ट और डेवलपर की विश्वसनीयता की पूरी जांच करें। तीसरा, ऐसे घर का चयन करें जो भविष्य में परिवार की जरूरतों और लोकेशन की संभावनाओं के अनुसार उपयुक्त हो।
आज के दौर की आसान लोन प्रक्रियाओं ने भी होम लोन को अधिक सुलभ बनाया है। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग अब औपचारिक हाउसिंग फाइनेंस सिस्टम से जुड़ रहे हैं। इससे किफायती आवास श्रेणी को विशेष लाभ मिला है।
यदि किसी व्यक्ति की आय स्थिर है, वित्तीय योजना संतुलित है और वह लंबे समय के लिए घर खरीदने की सोच रहा है, तो वर्तमान समय घर खरीदने के लिए अनुकूल माना जा सकता है। कम ब्याज दरों का लाभ भविष्य में प्रॉपर्टी निर्माण और वित्तीय स्थिरता दोनों में सहायक हो सकता है।
भारत तेजी से शहरी और आर्थिक रूप से विकसित हो रहा है। ऐसे में आवास क्षेत्र आने वाले वर्षों में विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बना रहेगा। कम ब्याज दरें इस समय उन परिवारों के लिए अवसर हैं, जो अपने सपनों का घर खरीदने की दिशा में पहला कदम बढ़ाना चाहते हैं।

Article by: Kaushal Singh, CEO- SAVE Housing Finance Limited