तो बिहार से हार जाएगा कोरोना। जहां एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिलेगा। जय बिहार

पटना ( द न्यूज़)। अभी तक बिहार में एक भी कोरोना के पॉजिटिव केस नहीं मिलने से उम्मीद बंध रही है कि बिहार कोरोना को हरा देगा। बिहार के निम्न व गरीब लोगों में खास सतर्कता दिख रही है। राज्य सरकार अपने स्तर पर भी कोई चूक होने देना नहीं चाहती।आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राज्यवासियों से अपील करते हुये कहा है कि कोरोना वायरस से पूरी मानव जाति संकट में है। हम सब इस महामारी का डटकर मुकाबला कर रहे हैं। आवश्यक सावधानियां भी बरती जा रही हैं किन्तु इस बीमारी की गंभीरता को देखते हुये प्रत्येक नागरिक का सचेत रहना नितान्त आवश्यक है। इसका सबसे अच्छा उपाय सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक एवं आपसी दूरी बनाकर रहना) है। माननीय प्रधानमंत्री जी ने दिनांक- 22 मार्च 2020 (रविवार) को जनता कफ्र्यू का आह्वान किया है। हम बिहारवासियों से अपील करते हैं कि वे 22 मार्च 2020 (रविवार) को सुबह 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक अपने घरों में रहकर जनता कफ्र्यू का पालन करें। हम यह भी अपील करते हैं कि जब 9 बजे रात्रि का समय समाप्त हो जाय तब भी यथासंभव घर में ही रहें। हर व्यक्ति की सतर्कता ही कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव का उपाय है। इसका अनुभव हमें आने वाली चुनौतियों के लिए भी तैयार करेगा।
कोरोना वायरस से संबंधित तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक गुप्तेशवर पाण्डेय एवं पटना के प्रमण्डलीय आयुक्त सह सचिव परिवहन संजय कुमार अग्रवाल के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस की संक्रमण की स्थिति से निपटने के लिए इलाज हेतु की गई तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली। इस बैठक में वर्तमान परिस्थिति में हर पहलुओं पर चर्चा की गई और उठाए गए कदमों के बारे में भी विस्तृत चर्चा हुई। राज्य के सीमावर्ती बाॅर्डर पर यात्रियों की लगातार स्क्रीनिंग की जा रही है ताकि संक्रमण से लोग सुरक्षित रह सकें। पटना एवं गया हवाई अड्डे पर प्रभावित देशों से आ रहे यात्रियों की भी सघन स्क्रीनिंग की जा रही है। सरकार के द्वारा प्रभावित देशों से आ रहे यात्रियों को कोरेंटाइन करने की व्यवस्था की गई है। इसके संक्रमण को रोकने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक एवं आपसी दूरी को बनाकर रखना) है। व्यक्तिगत बचाव के लिए आवश्यक है कि किसी भी व्यक्ति से दो मीटर की दूरी बनाकर रखी जाए तथा अपने हाथों को 20 सेकेंड तक ठीक ढंग से धोया जाए और खांसते समय मुंह पर रुमाल का इस्तेमाल किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से फ्लाइट, रेल या बस से जो भी यात्री आ रहे हैं, उनकी सघन स्क्रीनिंग करायी जाय। आवष्यक उपकरणों एवं अतिरिक्त आइसोलेषन वार्ड की व्यवस्था सुनिष्चित की जाय। आवष्यकता पड़ने पर यदि अतिरिक्त आइसोलेषन वार्ड की जरूरत पड़ती है तो उसके लिये पूर्व में ही स्थान चिह्नित कर लिये जायें। मुख्यमंत्री ने टेस्टिंग लैब बढ़ाने हेतु भी समुचित कार्रवाई करने का निर्देष दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिये की जा रही व्यवस्था, कंट्रोल रूम नंबर/टाॅल फ्री नंबर से आमलोगों को अवगत कराये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह से सतर्क है। इस पर लोगों को भयभीत होने की जरुरत नहीं है। इस परिस्थिति में सजगता सबसे बड़ी चीज है। लोगों को इस बात के लिए सचेत करने की जरुरत है कि भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए और अनावश्यक यात्रा से भी लोग बचें। अधिक से अधिक समय लोग अपने घर में व्यतीत करें। अनावश्यक किसी से हाथ न मिलाएं और विशेषकर मेटलयुक्त सामग्रियों को बेवजह छूने से परहेज करें। हर परिस्थिति में लोगों की सहायता करना सरकार का दायित्व है। सरकार अपनी तरफ से जरूरी कदम उठा रही है और हर परिस्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर इस खतरे का सामना करने के लिए एकजुट, सजग एवं जागरुक रहें। लोग बताए गए निर्देशों का पालन करें और इस संक्रमण के संबंध में किसी प्रकार की सूचना मिलने पर जानकारी दें। इस वायरस से होने वाली बीमारी को छुपाएं नहीं, यह अपने लिए और समाज के लिए सहयोग होगा।

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