अपडेट। सतर्क रहिये। बिहार में कोरोना की बाढ़! 1987 लोग कोरोना पॉजिटिव। एक दिन में 200 पार


पटनां ( द न्यूज़)। बिहार में कोरोना की बाढ़ आ गयी है। अब एक दिन में 100 नहीीं, 200 से अधिक लोग कोरोना के गिरफ्त में आ रहे हैं। बिहार में अब 1987 लोग कोरोना के पॉजिटिव हो गए हैं। आज साायं 4 बजे 1881 पर थे, किन्त्तु् देेेर रात 1987 पर हैैं।

4 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सूचना जन-सम्पर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, पुलिस मुख्यालय से ए.डी.जी जितेन्द्र कुमार एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्र डू ने मीडियाकर्मियों को कोरोना संकट से उत्पन्न हालात को लेकर सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। सूचना जन-सम्पर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री कोरोना से उत्पन्न हालात के हर पहलूओं की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और आवश्यक निर्देश दे रहे हैं।
सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग के सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि समाज के अत्यंत गरीब व्यक्तियों पर विशेष ध्यान दी जाये। सरकार ऐसे लोगों की लगातार मदद कर रही है। इस पर नजर रखने की जरुरत है। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश देते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सरकार द्वारा दिए जा रहे लाभ से ऐसे लोग वंचित ना रह जाएं। पीडीएस से राशन हो या रोजगार सृजन सबका फायदा जरुरतमंद को अवश्य मिले। पात्र राशनकार्डविहीन परिवारों का राशनकार्ड जल्द से जल्द बने, इसके लिए अनुमंडल स्तर पर आपरेटर लगाकर तेज गति से राशनकार्ड बनाया जा रहा है। अब तक 1 करोड़ 35 लाख राशनकार्डधारी परिवारों के खाते में 1000 की सहायता राशि भेज दी गई है। ग्रामीण एव शहरी क्षेत्र के राशनकार्डविहिन पात्र परिवारों को राशनकार्ड बनाने के लिए सर्वे कराया गया, उसके आधार पर अभी तक 18 लाख 5 हजार परिवारों के खाते में 1000 की सहायता राशि भेज दी गई है और उनके राशनकार्ड बनाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है।
सूचना सचिव ने कहा कि सभी प्रवासी को वापस लाया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रवासियों को वापस लाने के लिए सभी संबंधित विभाग लगातार काम कर रहा है। आज 85 ट्रेनें बिहार आ रही है, जिसमें 1 लाख 40 हजार 2 सौ 50 लोग आ रहे हैं। कल यानी शुक्रवार को 87 ट्रेनों से 1 लाख 43 हजार 5 सौ 50 प्रवासी लोग वापस आ रहे हैं। लोगों से अपील है कि वे पैदल ना चलें, हर प्रवासी को वापस लाने के लिए सरकार पूरी क्षमता से काम कर रही है।
सूचना सचिव ने बताया लॉकडाउन के कारण शहरी क्षेत्र में रिक्शाचालक, ठेला वेंडर या अन्य जरुरतमंद की मदद के लिए आपदा राहत केन्द्र चलाए जा रहे हैं। अभी बिहार में चल रहे 143 आपदा राहत केन्द्र के जरिए 75 हजार 7 सौ से ज्यादा लोग लाभ उठा रहे हैं। अभी 10 हजार 3 सौ 53 ब्लाक क्वारंटाईन सेंटर में लगभाग 7 लाख 45 हजार 8 सौ 81 लोग आवासित हैं, जिन्हें तय दिशानिर्देश के मुताबिक सारी सुविधाएं दी जा रही है। लॉकडाउन में रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकता में ऊपर है। अब तक 2 करोड़ 77 लाख 40 हजार से अधिक मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जानकारी देते हुए एडीजी पुलिस मुख्यालय जितेन्द्र कुमार ने कहा कि लाँकडाउन का सख्ती से पालन कराया जा रहा है और कोविड-19 से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों में जो अवरोध पैदा कर रहा है उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।पिछले 24 घंटे में 21 एफआरआई दर्ज किए गए हैं, 28 गिरफ्तारियां हुई हैं और 904 वाहन जब्त किए गए है।
4 बजे सायं वीडियो कांफ्रेंसिंग में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि बिहार में अब तक कोरोना संक्रमण के 55692 जाँच किए जा चुके हैं, जिनमें से 1881 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। पिछले 24 घंटे में 22 लोग ठीक हो चुके हैं, अब तक कुल 593 लोग कोरोना से स्वस्थ्य होकर घर जा चुके हैं। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बिहार में लगातार टेस्टिंग क्षमता बढ़ाई जा रही है। 3 मई के बाद आए प्रवासियों के सैंपल जॉंच किए गए, जिनमें 999 पॉजिटिव पाए गए।

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This post was last modified on 22/05/2020 8:21 am

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